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अन्तर-राष्ट्रीय जन आन्दोलन "CWT" के प्रतिनिधियों ने भारत में रक्त दान शिविर का आयोजन किया

जैसा कि सर्वविदित है कि अन्तर-राष्ट्रीय जन आन्दोलन "आओ मिलकर दुनिया को बदलें" का मुख्य लक्ष्य आर्थिक प्रणाली का पुनर्गठन है । हालांकि, CWT आन्दोलन के अनुयायी विभिन्न प्रकार के सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित करते रहते हैं ।

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भारत में रक्तदान शिविर का आयोजन

इसका एक उदाहरण भारत में इस आन्दोलन के अनुयायियों द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन था । 4 जून 2017 को, बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में, CWT ने अपने स्थानीय कार्यालयों में से एक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया था । समारोह में "रेड क्रॉस" संगठन के प्रतिनिधियों - श्री बेबी कुमारी, श्री उदय शंकर और श्री प्रसाद सिंह ने भी भाग लिया ।

इस कार्यक्रम में समिति के प्रमुख श्री अनिल कुमार अनल के साथ-साथ "CWT" के प्रतिनिधियों - श्री नागमणि याधव, श्री संजय सिंह, श्री अली जौहर सिद्दीकी, श्री सुमन वृक्ष, श्री जयकिशोर, नरेश तथा अन्य नेताओं और आन्दोलन के प्रतिभागियों ने भी रक्तदान में भाग लिया ।

In an interview with local media, CWT leaders explained that people do not need money, but the basic satisfaction of needs. Good education, medical care, housing, clean water and quality food.

स्थानीय मीडिया के साथ एक साक्षात्कार में, CWT के नेताओं ने समझाया कि लोगों को पैसे की नहीं बल्कि उनकी जरूरतों की बुनियादी संतुष्टि की ज़रुरत है । उन्हें अच्छी शिक्षा, चिकित्सा देखभाल, आवास, स्वच्छ पानी और गुणवत्ता वाला भोजन चाहिए ।

एक सुगठित अर्थव्यवस्था सामाजिक स्थिरता की कुंजी है ।

आज, संसार के सभी जीवित लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनिया में पर्याप्त संसाधन और प्रौद्योगिकियां मौजूद हैं । मुख्य बात अर्थव्यवस्था का ठीक से निर्माण करना है । आज, पूंजी के आधार पर खपत की अर्थव्यवस्था और अमेरिकी डॉलर पर आधारित विश्व वित्तीय प्रणाली, स्पष्ट रूप से हमारे समाज की सभी क्रूरताओं और अपूर्णताओं को दिखाती है । हम जहाँ एक ओर - भूख, युद्ध, हिंसा और आसन्न पारिस्थितिक संकट से घिरे हैं वहीँ दूसरी ओर पूरी दुनिया में मुट्ठी-भर वित्तीय अभिजात वर्ग ने असीमित शक्ति और धन पर कब्ज़ा कर रखा है । क्या यह इस बात का सबूत नहीं है?

भविष्य में, केवल विकेंद्रीकृत क्रिप्टोमुद्रा की मदद से ही हम लोगों के बीच मौद्रिक संबंधों में धोखाधड़ी, जालसाज़ी और दुरुपयोग को ख़त्म कर पाएंगे । यह आने वाले कल की नई संसाधनोन्मुखी अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रभावी उपकरण होगा ।

"इस गतिविधि के साथ, हम, मदद करने और शायद; उन लोगों की जान बचाने के लिए, जिन्हें आज इस मदद की आवश्यकता है, लेकिन जो इसके लिए "कैंडी रैपर" में भुगतान नहीं कर सकते, जो कि मुख्य मूल्य के रूप में हम पर थोपा गया है, एक बार फिर अपने समाज का ध्यान इस समस्या की ओर खींचना चाहते हैं । मत भूलिए कि मानव जीवन किसी भी धन से ज्यादा महँगा है । दुर्भाग्यवश, यह सच हमें तभी याद आता है, जब हम अपने किसी बेहद करीबी अजीज़ को खो देते हैं", अन्तर-राष्ट्रीय जन आन्दोलन "आओ मिलकर दुनिया को बदलें" के बोर्ड अध्यक्ष श्री अलेक्सी मुराटोव ने कहा ।

Автор: Александр Пашков

  • 6 जुलाई 2017 को 7:50:00 अपराह्न MSK
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