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प्रिज़म को भारत में प्रस्तुत किया गया है: शीर्ष नेताओं के लिए सम्मेलन

भारत में स्थानीय नेटवर्क के शीर्ष नेताओं के लिए मई में एक ब्लॉकचेन सम्मेलन आयोजित किया गया था । इस कार्यक्रम में प्रिज़्म क्रिप्टोमुद्रा को पेश किया गया और "आओ मिलकर दुनिया को बदलें" CWT के अध्यक्ष, अलेक्सी मुराटोव ने पहली पारदर्शी क्रिप्टोमुद्रा और इसकी अभिनव सफलताओं पर एक प्रस्तुति दी । सम्मेलन तीन भाषाओं में आयोजित किया गया : रूसी, अंग्रेजी और हिंदी ।

"जब आप प्रिज़्म का प्रयोग करते हैं, तो आप एक समुदाय के भीतर अधिकतम खुलापन और विकेंद्रीकरण प्राप्त करते हैं, लेकिन आपके पास नियंत्रण भी होता है । आप में से प्रत्येक, जो इस नोड की स्थापना करता है, व्यावहारिक रूप से प्रणाली को नियंत्रित करता है । इस व्यक्ति के बिना कोई भी व्यक्ति इस समुदाय में खेल के नियमों और भागीदारी लेने के नियमों को नहीं बदल सकता है ।

यहां तक ​​कि अगर सभी कंप्यूटर (सभी नोड्स) नष्ट हो जाएं और मात्र एक शेष रहे, तो भी पूरा ब्लॉकचेन बिना किसी रुकावट के काम करेगा – अधिकतम एक मिनट तक की दर से लाखों वॉलेट लेन-देन की सेवाएं दी जाएंगी ।" अलेक्सी मुराटोव ने प्रिज़्म की तकनीकी विशेषताएं बताईं ।

इसके अलावा, सम्मेलन के बाद, "आओ मिलकर दुनिया को बदलें" के अध्यक्ष ने पिछले सम्मेलन के शैक्षिक उद्देश्यों और अनेक धोखाधड़ी वाली प्रोजेक्ट ओं का वर्णन किया जो गुणवत्ता वाली क्रिप्टोमुद्रा की आड़ में काम करते थे ।

"बहुत से लोग HYIP-प्रोजेक्टों में शामिल हो जाते हैं, जो क्रिप्टोमुद्राओं के पीछे छिपकर खुद को क्रिप्टोमुद्रा दिखाते हैं, जबकि वास्तव में वो उनमें से एक नहीं होते हैं । पूरी तरह से केंद्रीकृत प्रणाली, जहां कोई हिसाब नहीं होता, अर्थात ब्लॉकचेन । जहां, किसी भी समय, एक वॉलेट प्रतिबन्धित किया या हटाया जा सकता है: अर्थात, आपको कागज पर किसी और चीज का वादा किया गया है, लेकिन आपको मिलता कुछ और है । और प्रोजेक्ट के साथ कुछ भी घटित हो सकता है, क्योंकि प्रोजेक्ट का प्रबंधन करने वाला एक प्रोजेक्ट हेड मैनेजर है ।

सही प्रोजेक्ट का चुनाव कैसे करें, प्रोजेक्ट की जाँच कैसे करें, यह कैसे समझें कि प्रोजेक्ट की संरचना खुली है या नहीं, उसमें ब्लॉकचेन (अर्थात, पारदर्शी हिसाब-किताब) है या नहीं । अधिकांशत: भारतीय नेताओं के साथ यह इस सम्मलेन का केन्द्रीय बिंदु था । इनमें से प्रत्येक नेता के पीछे विशाल समूह हैं । मुख्य चुनौती उन नेताओं को समझाना और उन्हें सिखाना था ताकि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों और अपने समूहों को जानकारी दे सकें ।

किसी व्यक्ति को प्रिज्म (उसकी तकनीकी दक्षता) का मूल्यांकन करने में सक्षम होने के लिए, उसे मूल बातें समझना सीखना होगा । स्ट्रैडीवारी के वायलिन की सराहना करने के लिए, हमें संगीत वाद्ययंत्रों के अभिलक्षणों को समझना सीखना होगा । यदि आप यह नहीं सीखते हैं, तो आप कला के काम की सराहना नहीं कर सकते । यही बात प्रिज़्म के साथ भी है ।" अलेक्सी मुराटोव ने संक्षेप में बताया ।

You can also watch a video of the conference on YouTube:

  • 3 जून 2017 को 12:33:00 अपराह्न MSK
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