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अलेक्सी मुराटोव : भारतीय प्राधिकारी क्रिप्टोमुद्रा को अधिकृत तौर पर भुगतान के साधन के रूप में मान्यता देंगे

भारतीय प्राधिकारियों को जल्द ही बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोमुद्राओं को अधिकृत तौर पर भुगतान के साधनों के रूप में मान्यता देनी होगी और डिजिटल मुद्रा पर टैक्स पेश करना होगा । साथ ही, भारत में अन्तर-राष्ट्रीय जन आन्दोलन “आओ मिलकर दुनिया को बदलें” के समर्थकों ने प्रिज्म नामक एक नई क्रिप्टोमुद्रा पर ध्यान देने का फैसला किया ।

अन्तर-राष्ट्रीय जन आन्दोलन “आओ मिलकर दुनिया को बदलें” के अध्यक्ष अलेक्सी मुराटोव के अनुसार, पिछले सप्ताह भारतीय प्राधिकारियों ने क्रिप्टोमुद्रा के प्रसार का अध्ययन करने के लिए एक अन्तर-मन्त्रालय स्तरीय समिति की स्थापना की । "समिति की पहली बैठक में, अधिकांश प्रतिभागियों ने डिजिटल मुद्राओं के उपयोग के लिए नियमों की स्थापना का समर्थन किया, जो वास्तव में उनकी औपचारिक मान्यता थी । साथ ही, यदि मई के अंत में बिटकॉइन की कानूनी स्थिति पर समिति का निर्णय सकारात्मक रूप से अपनाया जाता है, तो क्रिप्टोमुद्रा की सभी निवेश प्रक्रियाओं पर राज्य के पक्ष में कर वसूला जाएगा" अलेक्सी मुराटोव ने कहा ।

भारत भी शेष सभी देशों का रास्ता अपनाएगा जिनमें बिटकॉइन आबादी के बीच पहले से ही बहुत लोकप्रिय है । पहले प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया और फिर वांछित परिणाम नहीं मिलने पर, विनियमन का एक अध्ययन किया गया । भारतीय मीडिया में ऐसी खबरें आने के बाद, इस देश के CWT नेताओं ने बैठक की जिसमें बिटकॉइन के अलावा नई पीढ़ी की विकेन्द्रीकृत प्रिज़्म क्रिप्टोमुद्रा का अध्ययन करने का निर्णय लिया गया । "हमारे समर्थक अच्छी तरह से जानते हैं कि यदि चीन ने बिटकॉइन का नियंत्रण ले लेता है, तो यह क्रिप्टोमुद्रा इसका मुख्य लाभ: विकेन्द्रीकरण खो देगी । इसलिए, एक नई पूर्णतया विकेन्द्रीकृत और स्व-विनियमित इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा – PRIZM का सक्रिय रूप से अन्वेषण का निर्णय लिया गया, "CWT के बोर्ड अध्यक्ष ने कहा ।

उनके अनुसार, इस क्रिप्टोमुद्रा के लाभ में शामिल हैं:

- तात्कालिक (1 मिनट तक) पी2पी लेन-देन, वास्तविक समय 24 घंटे, सातों दिन; व्यक्तिगत खाते का ऑनलाइन एक्सेस,

- दुनिया के किसी भी हिस्से के लिए अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन, 0.5% की निश्चित कमीशन, जो DDoS हमलों के खिलाफ प्रणाली की रक्षा करता है और इसे प्रतिभागियों के बीच बांटा जाता है;

- वैश्विक राज्य नियामकों और बैंकों से आजादी, राज्य नियंत्रण से पूर्णतया मुक्त;

- सिस्टम की उच्चतम स्तर की सुरक्षा और बचाव, विनियमन का अभाव और केंद्रीकृत उत्सर्जन प्रबंधन, भुगतानों में नाम और सम्बन्धित टिप्पणी की पूर्ण गोपनीयता;

- कागज़ी धन में मुफ़्त रूपांतरण, माल और सेवाओं के लिए भुगतान करने की संभावना;

प्रतिभागियों के बीच वार्तालाप की संरचना को बदलने में असमर्थता । सभी पासवर्ड क्लाइंट की ओर संग्रहीत होते हैं और तृतीय-पक्ष सर्वर को स्थानांतरित नहीं किए जाते हैं;

- किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर मुफ्त इन्स्टालेशन और प्रयोग में आसान;

- कोई लेन-देन रोलबैक नहीं, कोई वॉलेट ब्लॉक नहीं ।

"पैरामाइनिंग की अनोखी तकनीक, जो विशेष रूप से प्रिज़्म के लिए बनाई गई है, किसी भी प्रयोक्ता को एक हाथ से दूसरे हाथ तक नकद हस्तान्तरण के सामान शीघ्र, विश्वसनीय और सीधे धन प्रेषण की सुविधा देता है । हालांकि, ब्लॉकचेन ब्लॉक के उत्पादन में औसतन करीब 59 सेकंड का समय लगता है और जो लेन-देन की संख्या से अप्रभावी रहता है," अलेक्सी मुराटोव ने जोर दिया ।

CWT अध्यक्ष के मुताबिक, किसी फोन में एक इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट डाउनलोड करना और उसमें केवल कॉइन रखना जिससे स्वत: ही पैरामाइनिंग शुरू हो जाती है, प्रिज़्म प्रणाली में साइन इन करने के लिए पर्याप्त है, जो कि नई इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा का एक और महत्वपूर्ण लाभ है । "हम सब के जेब में एक स्मार्टफोन है, इसलिए आप उस पर मुफ़्त वॉलेट इंस्टॉल कर सकते हैं और अभी से कॉइन्स की संख्या बढ़ाना शुरू कर सकते हैं । पैरामाइनिंग पहला सिक्का से शुरू हो जाता है और 1 मिलियन कॉइन्स होने पर स्वत: बंद हो जाता है । मौजूदा प्रिज़्म यूनिट्स के अलावा नई इकाइयां 15% प्रति माह की औसत दर से बनाती हैं, "अलेक्सी मुराटोव ने समझाया। इसके लिए बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोमुद्रा के समान प्रूफ-ऑफ-वर्क टेक्नोलॉजी पर आधारित माइनिंग फ़ार्म की आवश्यकता नहीं है । नई इकाइयां सभी प्रतिभागियों के बीच समान रूप से बनाई और वितरित की जाती हैं, और ब्लॉकचेन स्वयं इतना सरल होता है कि यह आपको एक नियमित अचल कंप्यूटर पर एक नोड (सर्वर) इन्स्टाल करने और ब्लॉकों को बनाने की सुविधा देता है । इससे सभी प्रयोक्ताओं को नेटवर्क पर सभी लेन-देन की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने कि सिस्टम ठीक है; की सुविधा मिलती है । इसकी यह विशेषता ही है जिसमें बिटकॉइन और प्रूफ-ऑफ़-वर्क आधारित अन्य क्रिप्टोमुद्राओं के प्रयोक्ता और प्रतिभागी खो चुके हैं । प्रिज़्म का मिशन विश्व अर्थ-तन्त्र का विकल्प बनना है । अलेक्सी मुराटोव के मुताबिक, नए इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा में सूचीबद्ध सभी तकनीकी गुण बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोमुद्राओं के मुकाबले इसके फायदे दिखाते हैं । "भारत में “आओ मिलकर दुनिया को बदलें” के नेता निकट भविष्य में इस क्रिप्टोमुद्रा में स्थानांतरित होने के लिए प्रिज़्म का सक्रिय अध्ययन कर रहे हैं । मुझे यकीन है कि इस देश के कई लोग बच्चों और नाती-पोतों के भविष्य के लिए और दुनिया के वित्तीय अभिजात वर्गों का सामना करने के लिए जोखिम उठेंगे और हमारे साथ जुड़ेंगे, "अलेक्सी मुराटोव ने अभिव्यक्त किया ।

लेकिन आपको बिटकॉइन को बस के नीचे नहीं फेंक देना चाहिए। बिटकॉइन असीमित कार्यरत नोड्स की संख्या में 22 अप्रैल से लगातार गिरावट शुरू हो गई है, लेकिन अगर यह प्रक्रिया शुरू में काफी सुगम रही तो सोमवार सुबह तेज गिरावट दर्ज की जाएगी ।

यह याद दिलाया जाना चाहिए कि बिटकॉइन असीमित को पहले भी मार्च में ऐसी ही समस्या का सामना करना पड़ा था और फिर, थोड़ी ही देर में, इसकी लगभग 70% नोड्स ऑफ़लाइन हो गईं थीं । और अगर मार्च की घटना का प्रतिशत बड़े पैमाने पर जारी रहता है, तो मात्रात्मक मामले में, आज दर्ज किए 223 कार्यरत नोड्स पिछले साल सितंबर से निम्नतम दर बन गए हैं ।

प्रतिशत के मामले में, बिटकॉइन असीमित बिटकॉइन नेटवर्क में सभी नोड्स के 4% से कुछ अधिक का ही हिसाब रखता है, जबकि बिटकॉइन कोर प्रोटोकॉल 89% नोड्स को सपोर्ट करता है ।

बिटकॉइन के निजीकरण के प्रयास अब तक असफल रहे हैं । CWT के प्रतिभागी और नेता घटनाक्रमों पर लगातार नज़र रखे हुए हैं ।

Source: CWT News

  • 26 अप्रैल 2017 को 3:01:00 अपराह्न MSK
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