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अलेक्सी मुराटोव: चीनी क्रिप्टोमुद्रा जापान के बिटकॉइन विनिमय के लिए "जा रही है"

2017 की शुरुआत से चीन ने धीरे-धीरे क्रिप्टोमुद्रा की दुनिया का नेतृत्व जापान को देते हुए खुद इसे खो दिया ।

अन्तर-राष्ट्रीय जन आन्दोलन "आओ मिलकर दुनिया को बदलें" के बोर्ड अध्यक्ष अलेक्सी मुराटोव के अनुसार, चीनी प्राधिकारियों ने देश में क्रिप्टोमुद्रा विनिमय से सम्बंधित नीति कड़ी कर के इसमें योगदान दिया।

"वर्ष के पहले दिन से ही, चीनी प्राधिकारियों ने बिटकॉइन विनिमय के संबंध में कड़ा दबाव बनाया, नेशनल बैंक की उनके द्वारा भारी जांच शुरू हुई । खास कर, नियामक ने कई निर्देश जारी किए हैं, जिसके अनुसार विनिमय अवश्य ही सख्ती से; गैरकानूनी आय लॉन्डरिंग के वैधकरण और मुद्रा विनिमय के कड़े नियमों के कानून के मुताबिक होने चाहिए ।" अलेक्सी मुराटोव ने कहा । एक उदाहरण के तौर पर उन्होंने नेशनल बैंक ऑफ़ चाइना के उस बयान का हवाला दिया जिसमें यह कहा गया है कि "यदि विनिमय इन आवश्यकताओं का पालन नहीं कर पा रहे हैं, तो नियामक संबंधित प्राधिकारियों से विनिमय को बंद करने के निर्देश का अधिकार सुरक्षित रखता है ।"

नतीजतन, दो प्रमुख विनिमय ओकेकॉइन और हुओबी ने एक महीने के लिए बिटकॉइन की निकासी की संभावना को निलंबित कर दिया (अर्थात् चीन के राष्ट्रीय बैंक की आवश्यकताओं के अनुपालन करते हुए होने के लिए आवश्यक समय) । प्रमुख विनिमयकर्त्ताओं की देखा-देखी, अन्य विनिमयकर्ता (BTCTrade, BTC100, HaoBTC और अन्य सहित) ने भी क्रिप्टोमुद्रा निकासीके अधिकार को अस्थायी तौर पर रोक दिया है । इसके अलावा, पूँजी की जमा राशि पर 5% कमीशन शुरू किया गया है । और इनसे भी आगे बढ़कर यून्बी विनिमय ने तो बिटकॉइन के निकासी पर लेन-देन का लेखा-परीक्षण शुरू कर दिया है । इसलिए, अगर संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो निकासी का समय बढ़ाया जा सकता है, उपयोगकर्ता के खाते को - लॉक कर दिया जाएगा, और लेनदेन के सभी आंकड़े और उपयोगकर्ता को "उचित" प्राधिकारियों के हवाले कर दिए जाएँगे," CWT बोर्ड अध्यक्ष ने बताया ।

अलेक्सी मुराटोव के मुताबिक, प्राधिकारियों के इस तरह के दबाव ने; देश से बिटकॉइन के एक बड़े भाग को देश से बाहर निकलने के लिए अग्रसर किया । "एक तरफ नियामक की कार्यवाही में तर्क मौजूद है- सरकार को यह आशंका है कि बिटकॉइन अवैध आय के "शोधन" का जरिया बन सकता है और इसलिए, उचित कदम उठाए गए । लेकिन दूसरी तरफ यह भी बहुत महत्वपूर्ण है कि एक ही बार में अति ना की जाए, और इस मामले में, हम देखते हैं कि प्राधिकारीगण स्पष्टत: "बहुत दूर चले गए" हैं । परिणामस्वरूप - चीन तेजी से अग्रणी जमीनी उद्योगों को खो रहा है, क्रिप्टोमुद्रा विनिमयों को उन अन्य देशों को दे रहा है जहां जोखिम बहुत कम हैं और राज्य की ओर से कोई पक्षपातपूर्ण मानक नहीं हैं," "विश्व एक साथ बदलें" के बोर्ड अध्यक्ष ने जोर देकर कहा ।

इसी समय, उन्होंने जोर दिया कि ई-मुद्रा के संबंध में राज्य की एक उचित नीति आर्थिक विकास का कारण बन सकती है।  "मैंने पहले ही बताया है कि कैसे जापानी सरकार ने क्रिप्टोमुद्रा बाज़ार के विकास में योगदान किया है। (http://cwt.top/ru/news/1541/aleksejj-muratov-kontrol-reguljatora-i-ehkspertnaja-ocenka-pozvo) स्थानीय प्राधिकारी इसकी; और खास कर बिटकॉइन की वैधता की नीति का नेतृत्व करते हैं । परिणामस्वरूप, यह जो कि पहले से ही चीनी शेअर बाज़ारों की ई-मुद्रा का हिस्सा था, धीरे-धीरे जापान स्थानांतरित हो गया । हम देखते हैं कि अधिक से अधिक अन्य विदेशी पूंजी इसमें शामिल हुई हैं, और इसका देश की अर्थव्यवस्था पर पूर्णरूपेण सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, "अलेक्सी मुराटोव ने संक्षेप में बताया ।

Source: CWT News

  • 14 मार्च 2017 को 5:29:00 अपराह्न MSK
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